RBI कर सकता है ब्‍याज दरों को लेकर बड़ा ऐलान

जानिए कम होगी EMI या महंगा होगा Loan

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा का ऐलान कुछ देर में करेगा।

इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिपोर्ट में पहली छमाही में कर्ज वृद्धि में तेजी

और जमाओं में गिरावट आने से सावधि दरें बढ़ने एवं कर्ज के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद

रिजर्व बैंक को रिवर्स रेपो दर में 0.20 प्रतिशत की वृद्धि का सुझाव दिया गया है।

एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि एमपीसी के दायरे के बाहर रिवर्स रेपो दर में 20 आधार अंकों की बढ़ोतरी करनी चाहिए 

ताकि उसे नए सरकारी ऋणपत्रों के खरीदार मिल सकें।

वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में केंद्र सरकार के सकल कर्ज को बढ़ाकर रिकॉर्ड 14.3 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।

राज्यों को मिलाकर अगले वित्त वर्ष में सकल ऋण 23.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है।

इसके अलावा बजट में 3.1 लाख करोड़ रुपये के भुगतान का भी प्रस्ताव है।

SBI समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष के मुताबिक, कर्ज बढ़ने के साथ ब्याज दरों में वृद्धि के बीच यह बजट सरकारी बॉन्ड के वैश्विक बॉन्ड सूचकांक में समावेशन का जिक्र नहीं करता है।

घोष का मानना है कि आरबीआई एमपीसी के बाहर रेपो दर में 0.20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी नहीं कर सकता है

क्योंकि बढ़ती जमा दरों का मतलब है कि कर्ज दरों को भी बढ़ना होगा। ऐसा नहीं होने पर बैंकों का मार्जिन घट जाएगा।